कहीं ऐसा ना हो


अगर यह भाषा में अस्तित्व की खोज है,
इस तरह
कहीं अस्तित्व ही न खो जाए!

2 Responses to “कहीं ऐसा ना हो”


  1. 1 समीर लाल December 7, 2006 at 3:31 am

    “कहीं अस्तित्व ही न खो जाए!”

    —ऐसे में खो सकता है! :)

  2. 2 gaizabonts December 10, 2006 at 1:06 pm

    ==समीर: ऐसे में ?

Leave a Reply




Blog Stats

  • 867 hits

Categories