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भाषा मे अस्तित्व की खोज

दर्द

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जितना होता है, उतनी ही उसकी आदत हो जाती है। जितनी आदत होती है, उतना ही दर्द कम होता है (दर्द कम नहीं होता, हमारा ध्यान कम हो जाता है)। दर्द भी मायूस होकर चला जाता है – जहाँ प्यार ना मिले वहाँ क्या रहना?

Written by Gaizabonts

March 31, 2007 at 5:09 pm

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