क्रोध

Neptune and Triton - 10

तुम्हारे नाम, न जाने कितने शब्द कटें, मरें।

हर इच्छा का अंतिम संस्कार कर आया हूँ, हर खुशी को अग्नि दे आया हूँ। तुम्हारे जाने का समय आ गया है।

2 Responses to “क्रोध”


  1. 1 मैथिली June 18, 2007 at 12:51 am

    प्रशंसनीय

  2. 2 gaizabonts June 20, 2007 at 11:10 am

    ==मैथिली: धन्यवाद! :)

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