कुछ बातें ऐसी होती है जो चाहने पर भी भूली नहीं जाती। कुछ लोग भी ऐसे होते हैं। तुम उन में से एक हो। तुम्हारा गुस्सा जायज़ था, शायद, पर तब के मेरे हालत तुम्हारे गुस्से से भी जायज़ थे। और तुम मेरे हालात को खूब पहचानते थे। जब उन हालात के नीचे मैं पूरी तरह कुचल गया था, तब तुमने उन पर तुम्हारा पैर रखा। अब हाथ मत बढाओ।
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