हम रहें न हम, तुम रहें न तुम

आप कि अभिलाषा मेरा बलिदान आप का आनंद मेरा बदलना आपका खिन्न आपकी एक नई अभिलाषा मेरा बलिदान आप का आनंद मेरा बदलना आपका खिन्न आपकी एक नई...

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चलो इक बार फीर से…

चलो प्रणय के बंधन में हमारी किस्मत का विवाह कर लें। कुछ रंग फीका है, पर एक नाक्शा है मेरे हाथों में। शायद कुछ रास्ते याद आ जाएं, जो हम भूल गये हैं। किसी कविता से प्रेरित हो, मैं तुम से प्यार करूँ, तुम भी इन रास्तों पर चल कर कुछ याद करो। मैं कविता … पढ़ना जारी रखें चलो इक बार फीर से…

अब बस

कुछ ऐसे अनोखे भाव कभी बोल कर भी व्यक्त नहीं होते शब्दों की गाड़ी उनके भाग्य में नहीं होती सबसे चहेते होते ऐसे भाव रह जाते उनके सृष्टा के पास बन बैठते उनके लाडले। पर अब उन्हें जाना होगा मेरे घर में अब जगह नहीं इन्हें किस कारण अब तक पोसा छाती पर इनका तांडव … पढ़ना जारी रखें अब बस