प्रति व्यर्थ

जिसे हम व्यर्थ कहते है, वह हमारी एक-विमीय सोच का नातीजा है। कोइ दुसरा तरिका तो होगा? हमारी कल्पना की सीमा का अंत जहां होता है, वहीं पर हर निरर्थक बात शुरु होती है। जब हम संकल्प का आभाव अनुभव करते हैं, हम उसे, व्यर्थ कहते हैं। संकल्प सुनिश्चित होते हैं; पर हमारी इच्छा व्यक्तिपरक और सीमीत होती है। हमें इस घेरे से बाहर निकलना … पढ़ना जारी रखें प्रति व्यर्थ

भीतर: अंतिम सीमा

कोई जगह नही बची। अपनी बाहों या पैरों को फ़ैलाने के लिए – निचे लेटकर नीले आकाश की ओर देखने के लिए। ज़ोर से हसने के लिए। कोई जगह नही बची। एक सुन्दर एहसास को सौ बार महसूस करने के लिए। जहाँ गूँजों की प्रतिध्वनि बीते क्षणों को लौटाए। कोई जगह नही बची। जहां सभी … पढ़ना जारी रखें भीतर: अंतिम सीमा

दोस्तों से गुज़ारिश

वक़्त होता नहीं, निकलना पड़ता है, बंद शीशों की अलमारी के दरवाजे खोलो। तम्मान्ना से ताले तोड़ो; पीछे वक़्त सड़ता है, मिल बैठो, कुछ हमारी सुनो, कुछ अपनी कहो।

अन्दर, एक खलनायक

काला वही जो सताता है, शांति भंग करता है। हर वह बात जो मन के क़रीब हो, घनिष्ठ हो, उसे बदलता हुआ, उसे तोड़ता हुआ। वो बुरा आदमी। तुम्हारे अन्दर बसा हुआ। तुम्हारा ही असिद्ध रूप। तुम्हे वहां ले जाता है, जिस जगह से तुम परिचित नहीं। डर पैदा करता है, असुरक्षितता की पहचान करवाता … पढ़ना जारी रखें अन्दर, एक खलनायक

आभार

कहते हैं, जो आप कहना चाहते हैं, उसे किसीने, कही पर, पहले ही कह दिया है. आज मेरे मन की बात, बहुत सुन्दरता से, शिवमंगल सिंह 'सुमन' ने कहा है. जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद। जीवन अस्थिर अनजाने ही, हो जाता पथ पर मेल कहीं, सीमित पग डग, लम्बी मंज़िल, … पढ़ना जारी रखें आभार

उस आग में क्या खोया?

किसी एक की मौत किसी दुसरे की ज़िन्दगी बदल देती है, एक जिंदा लाश उस मौत का मतलब समझने में, आस-पास के जिंदा लोगों से कई निःशब्द सवाल पूछते हुए तलाश करती है कोई आरोपी. उठाकर मेरी उंगली, उसे तुम्हारे चेहरे के सामने रखूं न तो मरनेवाला लौट आएगा, न मेरे आँसू थमेन्गे न मतलब … पढ़ना जारी रखें उस आग में क्या खोया?

भगवान बनाने वाले

भगवान बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई? काहे को भगवान बनाया? अगर मैं आज यहाँ नही होता, तो मेरी जगह पे वह बैठा रहता । तुम लोग यह बात समझ नही पाओगे । वो मेरा दोस्त ही नही, मेरा सबसे बड़ा प्रतिद्वन्द्वी भी था । आज किसी को भगवान बना ने में तुम लोग … पढ़ना जारी रखें भगवान बनाने वाले