आभार

कहते हैं, जो आप कहना चाहते हैं, उसे किसीने, कही पर, पहले ही कह दिया है. आज मेरे मन की बात, बहुत सुन्दरता से, शिवमंगल सिंह 'सुमन' ने कहा है. जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला, उस-उस राही को धन्यवाद। जीवन अस्थिर अनजाने ही, हो जाता पथ पर मेल कहीं, सीमित पग डग, लम्बी मंज़िल, … पढ़ना जारी रखें आभार

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दर्द

जितना होता है, उतनी ही उसकी आदत हो जाती है। जितनी आदत होती है, उतना ही दर्द कम होता है (दर्द कम नहीं होता, हमारा ध्यान कम हो जाता है)। दर्द भी मायूस होकर चला जाता है - जहाँ प्यार ना मिले वहाँ क्या रहना?

उत्तर

एक जीवन ऐसा ही है आपके द्वार के आगे खटखटाते रह गये आप आयें न पिया आप तो बना गये अपनी ही नियम यहाँ मेरे अनुभव आपको जचते है इस पल कहाँ आपकी अपनी दुनिया आपके अपने स्वप्न हम कहाँ उस भाग्य के तत्व की अभीलशा करें....

एक नई शुरुआत

बहुत दिन हुए, हिन्दी में लिखे हुए। शायद यहाँ, वर्डप्रेस पर और लिखा जायेगा। नई शुरुआत करने के कारण कई होते है, कारण ना होने का भी कभी कारण होता है?  ७ सितम्बर २००५ को हिन्दी में पहला चिट्ठा लिखा था, आज, कुछ एक साल बाद, यहाँ एक नई शुरुआत । पिछले कुछ महीनों से … पढ़ना जारी रखें एक नई शुरुआत

क्या आप उन्हें जानते है?

आप जानते है, यहाँ आपके बहुत निष्ठावान प्रशंसक है। -उन्हें मित्र कहें, प्रशंसक नहीं। छोडिये, अब अधिक भावुक ना करें। चलिये, दो-चार घूँट हो जाय; मन की बात व्यक्त करें। -अब उनका असर नहीं होता। आप तो दार्शनिक तौर से बहस करने लगें। आप जानते है, आपका लिखना, आपके विचार, उनके लिये है जो आपको … पढ़ना जारी रखें क्या आप उन्हें जानते है?